पर्यटकों के दीदार के लिए खोली गई विश्व प्रसिद्द फूलों की घाटी

उत्तराखंड के चमोली में स्थित विश्व प्रसिद्द फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पहले दिन इस प्रसिद्द विश्व धरोहर को देखने के लिए 27 पर्यटक पहुंचे। इनमें 5 पर्यटक विदेशी थे। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार पहले दिन पर्यटकों से छह हजार पांच सौ का राजस्व प्राप्त हुआ। फूलों की घाटी का दीदार करने के लिए देशी पर्यटकों को 150 रुपये और विदेशी पर्यटकों को 600 रुपये का भुगतान करना होता है। बीते साल फूलों की घाटी को निहारने के लिए रिकॉर्ड 14000 पर्यटक पहुंचे थे। इस साल 31 अक्तूबर को फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाएगा।

बता दें कि फूलों की घाटी को वैली ऑफ फ्लॉवर्स भी कहा जाता है। इस स्थल को यूनेस्को द्वारा 1982 में विश्व विरासत घोषित किया गया था। यहां आपको 500 से भी ज्यादा प्रजातियों के फूल देखने को मिलेंगे। इन खूबसूरत फूलों को देखकर आंखों को बड़ा ही सुकून मिलता है। गढ़वाल क्षेत्र में स्थित यह स्थल नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान का एक भाग है। हर साल देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। यह घाटी आज भी शोधकर्ताओं के आकर्षण का केंद्र है।

चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी उद्यान 87.50 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां स्थित फूल दिखने में जितने खूबसूरत हैं, उससे ज्यादा औषधीय गुण यह अपने अंदर समेटे हुए हैं। यहां मिलने वाले फूलों का दवाइयां बनाने में इस्तेमाल होता है। इन दवाइयों से हृदय रोग, अस्थमा, शुगर, मानसिक उन्माद, किडनी, लीवर और कैंसर जैसी भयानक बिमारियों का इलाज किया जाता है। फूलों के अलावा यहां आपको कई जानवर जैसे काला भालू, हिरण, भूरा भालू, तेंदुए, चीता आदि देखने को मिल जाएंगे। इसके अलावा यहां जगह-जगह हिमखंड भी मौजूद हैं। यहां आने वाले सैलानी बर्फ का दीदार कर सकते हैं। इस स्थल के साथ एक पौराणिक कथा यह भी जुड़ी हुई है कि भगवान लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा के लिए भगवान हनुमान यहां संजीवनी बूटी लेने के लिए आए थे।

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