Rohtang और आदि हिमानी Chamunda के लिए रोपवे का निर्माण जल्द

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित रोहतांग दर्रा और कांगड़ा में स्थित हिमानी चामुंडा का मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध हैं। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। विशेषकर गर्मी के मौसम में तो यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इस दौरान पर्यटकों को कई सारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता हैं। देश-विदेश से रोहतांग दर्रे पर आने वाले पर्यटकों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है वहीं दूसरी तरफ हिमानी चामुंडा मंदिर तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को पैदल चलना पड़ता है। हालांकि अब आने वाले समय में पर्यटकों को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि दोनों ही जगह पर सरकार की ओर से रोपवे का निर्माण किया जाएगा।

रोपवे का निर्माण हो जाने के बाद रोहतांग दर्रे और हिमानी चामुंडा मंदिर का सफर चंद मिनटों में तय हो जाएगा। हाल ही में रोहतांग दर्रे पर बनने वाले रोपवे के लिए केंद्र से एफसीए की मंजूरी मिल गई है। एफसीए की मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मॉडल पर बनाया जाएगा। बता दें कि इस प्रोजेक्ट के लिए दो कंपनियों का चयन होने के बाद एफसीए क्लीयरेंस के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया था। रोहतांग दर्रे और हिमानी चामुंडा मंदिर पर रोपवे का निर्माण करने वाली कंपनी इन रोपवे का संचालन 40 साल तक करेगी। इसके बाद दोनों रोपवे सरकार के अधीन हो जाएंगे।

बता दें की पलचन से रोहतांग तक बनने वाला रोपवे 9 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर करीब 450 करोड़ रुपये का खर्च आना है। इस रोपवे निर्माण की योजना पर पिछले 10 साल से काम हो रहा था, लेकिन फाॅरेस्ट क्‍लीयरेंस की मंजूरी बाकि थी। अब जब केंद्र सरकार ने एफसीए की मंजूरी दे दी है, ऐसे में इस कार्य में और तेजी आएगी। उधर, हिमानी चामुंडा रोपवे करीब छह किलोमीटर लंबा होगा व इसके निर्माण पर 280 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

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