सोलन में है ऐतिहासिक शूलिनी देवी का मंदिर, दर्शन मात्र से मिलती है सुख-समृद्धि

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में विश्व प्रसिद्ध शूलिनी देवी का मंदिर स्थित है। माता शूलिनी को साक्षात देवी मां दुर्गा का रूप माना है, जिसे देवी और शक्ति कहा जाता है। भक्त माता शूलिनी को दिव्या माता, आदि-परा शक्ति, महाशक्ति, लता देवी जैसे नामों से भी जानते हैं। भक्तों का विश्वास है कि माता शूलिनी की सच्चे मन से आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। शूलिनी देवी का मंदिर इस क्षेत्र में रहने वाले भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है। माता शूलिनी को प्रसन्न करने के लिए यहां हर वर्ष जून माह के तीसरे सप्ताह में मेले का आयोजन किया जाता है। भक्तों का मानना है कि माता शूलिनी को प्रसन्न करने से क्षेत्र में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या महामारी नहीं होती है। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में लाखों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। कहा जाता है कि यहां पिछले 200 वर्षों से मेले का आयोजन किया जा रहा है।

पौराणिक कथा

स्थानीय लोगों के अनुसार माता शूलिनी, देवी मां दुर्गा का रूप है। जब दैत्य महिषासुर के अत्याचारों से देवता और ऋषि तंग आ गए थे, तो भगवान शिव और विष्णु जी के तेज से देवी मां दुर्गा प्रकट हुई थी। इसके बाद सभी देवी-देवताओं ने अपने अस्त्र-शस्त्र मां दुर्गा को भेंट किए। इस दौरान भगवान शिव ने अपना त्रिशूल मां दुर्गा को भेंट किया। इसी वजह से मां दुर्गा का नाम देवी शूलिनी पड़ा। बता दें कि यह वही त्रिशूल है जिससे मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था।

मंदिर का इतिहास

शूलिनी देवी मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। मान्यता है कि सदियों पहले जब बघाट रियासत की राजधानी जौणाजी हुआ करती थी, उस समय वहां के राजा बिजली देव को मां शूलिनी देवी ने सपने में दर्शन दिए और कहा की मैं जौणाजी रहती हूं। वहां धरती के नीचे से मेरी मूर्तियां निकालो। इसके बाद जब राजा ने वहां खुदाई करवाई तो जमीन के नीचे से मां शूलिनी देवी और दो अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां निकली। इसके बाद राजा ने इन मूर्तियों को सोलनी गांव में स्थापित करवाया।

कैसे पहुंचें शूलिनी देवी मंदिर

माता का यह प्रसिद्द मंदिर सोलन रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। सोलन रेलवे स्टेशन नियमित ट्रेनों के माध्यम से देश के अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित अन्य प्रमुख शहरों से सोलन के लिए नियमित बसें चलती है। सोलन से नजदीकी हवाई अड्डा लगभग 77 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ में स्थित है।

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