हिमाचल के शोजा में है रहस्यमयी और चमत्कारिक सेरोलसर झील

हिमाचल प्रदेश को अपनी प्राकृतिक संपदा के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक हर साल हिमाचल प्रदेश की अद्भुत खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं। आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के ऐसे ही खूबसूरत पर्यटन स्थल सेरोलसर झील के बारे में बताने जा रहे है। यह झील हिमाचल प्रदेश की रहस्यमयी और चमत्कारिक झीलों में से एक है। यह एक छोटी और सुन्दर झील है, जो कि प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन शोजा में जालोरी से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। समुद्रतल से लगभग 10500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद सेरोलसर झील एक किलोमीटर की परिधि में फैली हुई है। सेरोलसर झील सभी ओर से ओक के वृक्षों से घिरी हुई है।

सेरोलसर झील का पानी क्रिस्टल की तरह एकदम साफ है। झील के पानी में आपको एक भी कूड़ा करकट नजर नहीं आएगा। जब झील के साफ़ पानी पर सूरज की किरणे गिरती है तो नजारा अत्यंत खूबसूरत हो जाता है। इस झील की खूबसूरती तब कई गुना बढ़ जाती है जब यह अपना रंग बदलती है। दरअसल जब मौसम ख़राब होता है या आसमान में बादल छाए हुए होते हैं, तो झील का रंग हल्का काला हो जाता है, जबकि जब आसमान साफ़ होता है तो झील शीशे की तरह साफ़ और चमकदार होती है। सर्दियों के मौसम में यहां भारी मात्रा में बर्फबारी होती है।

सेरोलसर झील के निकट ही यहां की स्थानीय देवी बूढ़ी नागिन को समर्पित एक मंदिर भी है। भक्तों का विश्वास है कि इस झील में एक बूढ़ी नागिन वास करती है। स्थानीय लोग बूढी नागिन को इस क्षेत्र का सरंक्षक मानता है। देवी बूढ़ी नागिन में लोगों की आस्था का पता इस बात से ही लगाया जा सकता है कि लोग शुद्ध घी का सेवन भी पहले नागिन देवी को चढ़ावा देने के बाद ही करते हैं। यहां हर साल बीस से तीस क्विंटल घी का चढ़ावा आता है। इसके अलावा एक मान्यता ओर भी है कि जो भी इस झील में जाता है वह लौटकर वापस कभी नहीं आता है। फ़िलहाल इस झील में जाने पर रोक लगी हुई है। माना जाता है की महाभारत काल के दौरान पांडवों ने यहां काफी समय व्यतीत किया था।

कैसे पहुंचें सेरोलसर झील

शोजा में स्थित सेरोलसर झील, जालोरी पास से लगभग 5 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर पहुंच सकते हैं। शोजा से निकटतम हवाई अड्डा लगभग 80 किलोमीटर दूर कुल्लू का भुंतर हवाई अड्डा है। शोजा से नजदीकी रेलवे स्टेशन बैजनाथ रेलवे स्टेशन है। यह एक छोटी लाइन का रेलवे स्टेशन है। यहां आने के लिए पठानकोट से ट्रेन मिलती हैं। शोजा पहुंचने के लिए कुल्लू से सीधी बस सेवा उपलब्ध है। कुल्लू हिमाचल प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बस सेवाओं के माध्यम से प्रदेश और कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। शिमला, पठानकोट, चंडीगढ़ और नई दिल्ली से कुल्लू के लिए बस सेवा उपलब्ध है।

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