पालक और मेथी के पत्तों को पकाकर बनती है उत्तराखंड की बेमिसाल डिश काफली

उत्तराखंड गर्मियों में पर्यटकाें के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। लोकप्रिय पर्यटन स्थल होने के अलावा उत्तराखंड लोकप्रिय शाकाहारी भोजन के लिए प्रसिद्ध है। हम आपकाे यहां के एक शाकाहारी व्यंजन काफली के बारे में बता रहे हैं। काफली एेसा व्यंजन है, जिसे दाेपहर के भाेजन के साथ खा सकते हैं। इस पकवान को तैयार करने के लिए दो मुख्य सामग्रियों पालक और मेथी के पत्तों को एक लोहे के बर्तन में पकाया जाता है। इसके बाद नमक और मसालों से इसके स्वाद काे बढ़ाया जाता है। काफली के लिए ग्रेवी चावल या गेहूं से पेस्ट बनाकर तैयार की जाती है। कभी उत्तराखंड की वादियाें में घूमने आएं, ताे इसे खाना ना भूलें।

काफली बनाने की सामग्री

  • 2 गुच्छे – पालक
  • 1/2 गुच्छा – मेथी के पत्ते
  • 1 बड़ा चम्मच – चावल का पाउडर
  • 5 – हरी मिर्च
  • 5 लौंग – लहसुन
  • 3 टुकड़ा – अदरक
  • 1 चम्मच – जीरा बीज
  • एक चुटकी – हींग
  • 1/2 चम्मच – सूखा धनिया पाउडर
  • 1/4 चम्मच – हल्दी पाउडर
  • 2 बड़े चम्मच – दही
  • 1 या 2 कप – पानी
  • 2 बड़े चम्मच – सरसाें का तेल
  • नमक स्वादानुसार

काफली बनाने का तरीका

सबसे पहले पालक और मेथी काे धाेया जाता है। धोने के बाद, पालक और मेथी काे गरी मिर्च के साथ उबाला जाता है। फिर ब्लेंडर से उबाली हुई चीजें मेश की जाती हैं। इसके बाद अदरक और लहुसन का भी पेस्ट तैयार कर लिया जाता है। फिर कढ़ाही में तेल गर्म करके उसमें अदरक और लहुसन का पेस्ट भूना जाता है। इसमें अदरक और लहुसन में सब्जियां, हल्दी पाउडर, सूखा धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डाला जाता है। साथ ही दही भी इसमें डाल दिया जाता है। अब ग्रेवी गाढ़ी होने तक धीमी आंच पर लगभग 8 से 10 मिनट के लिए पकाया जाता है। फिर शुद्ध घी या सफेद मक्खन के साथ गार्निश करके रोटी या चावल के साथ खाई जाती है।

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