श्रद्धालुओं को मिली राहत, भूस्खलन से बंद हुए मां नैना देवी-कीरतपुर मार्ग को फिर से खोला गया

पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते सोमवार को हुए भूस्खलन से विश्व विख्यात शक्तिपीठ नैना देवी को बिलासपुर से जोड़ने वाला कीरतपुर साहिब मार्ग बंद हो गया था। मार्ग बंद होने के कारण नैना देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने मार्ग पर पड़ा मलबा हटा लिया है।

लोक निर्माण विभाग के अनुसार मार्ग को फिर से खोल दिया गया है। नैना देवी जाने वाले श्रद्धालुओं ने इससे राहत की सांस ली है। हालांकि वहां अभी भी पहाड़ियां धुंध से ढकी हुई हैं। विजिबिलिटी कम होने के कारण श्रद्धालुओं को गाड़ी चलाने में भी काफी परेशानी हो रही है। वहां अभी भी बारिश हो रही है। जाहिर है कि दो दिन से हो रही बारिश के चलते कई जगह सड़कों पर मलबा आ गया है।

शक्तिपीठ नैना देवी

नैना देवी का पवित्र मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यहां रोजाना देश-दुनिया से लाखों भक्त आते हैं। नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है। यह शिवालिक पर्वत श्रेणी की पहाड़ियों पर स्थित एक भव्य मंदिर है। यह देवी के 51 शक्ति पीठों में शामिल है। मंदिर के गर्भ गृह में माता काली, नैना देवी और भगवान गणेश की प्रतिमा है। यहां पवित्र जल का तालाब भी है।

कैसे पहुंचे

यहां से निकटतम हवाईअड्डा चंडीगढ़ में स्थित है। रेल मार्ग से आने वाले पर्यटक चंडीगढ तक रेल की मदद से आ सकते है। इसके बाद यहां से बस, कार व अन्य वाहनों से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। चंडीगढ देश के सभी प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। चंडीगढ से नैना देवी 105 किलोमीटर दूर है। दिल्ली से आने वाले पर्यटक 350 किलोमीटर दूर नैना देवी आने के लिए करनाल, चंडीगढ, रोपड़ होते हुए यहां पहुंच सकते हैं।

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