मनमोहक नजारों से भरपूर एक अलग ही संसार है सांगला घाटी

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित सांगला घाटी हिमाचल की सबसे खूबसूरत घाटियों में से है। सौंदर्य से परिपूर्ण यह घाटी देवदार के जंगलों से घिरी हुई है। इसकी खूबसूरती पर्यटकों को बर्बस ही अपनी ओर खींचती हैं। रोमांच से भरपूर इस घाटी में नदी के साथ कैंपिंग भी की जाती है, रकछम के पास कैंपिंग के स्थान चिन्हित हैं। 2700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह घाटी अपने मनमोहक नजारों से किसी का भी दिल जीत लेती है। सांगला घाटी करछम से शुरू होकर छितकुल में जा कर खत्म होती है। इसी घाटी के बीच में से बस्पा नदी गुजरती है, जो करछम में सतलुज नदी में मिल जाती है। बस्पा नदी के किनारे ही सांगला गांव बसा है। यह गांव सांगला घाटी का सबसे बड़ा गांव है। यहां से किन्नौर जिले का मुख्यालय रिकांगपियो 20 किमी की दूरी पर उत्तर दिशा की ओर स्थित है। सांगला घाटी में घूमने के लिए कई खूबसूरत स्थल मौजूद है।

रकछम गांव

यह घाटी के तक़रीबन बीच में समुद्र तल से 2900 मी की ऊंचाई पर बास्पा नदी के दार्इं ओर बसा एक छोटा सा सुंदर गांव है। रकछम से बतसरी तक सैर के लिए ट्रेक है। रकछम गांव का नाम दो शब्दों रक और छम से मिलकर बना है। रक का अर्थ पत्थर और छम का अर्थ पुल होता है। यहां की भौगोलिक स्थिति से इस गांव के नाम का मतलब समझ आ जाएगा।

छितकुल

छितकुल (चितकुल) गांव किन्नौर का सबसे अंतिम और घाटी के सबसे ऊंचे स्थान पर मौजूद गांव है। यह गांव सांगला से 26 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां जाने का रास्ता जितना खूबसूरत है उतना ही खतरनाक भी है। यहां आकर आपको ऐसा लगेगा जैसे आप किसी और दुनिया में पहुंच गए हो। यह एक बहुत ही ठंडी जगह है। यह इलाका लगभग 6 महीने बर्फ से ही ढका रहता है।

 

कमरु किला

सांगला गांव से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित यह किला यहां एकमात्र है। इसके द्वार पर भगवान बुद्ध की बड़ी सी प्रतिमा है। यह किला अपने अंदर कई सदियों का इतिहास समेटे हुए है। यहां से सांगला घाटी के अद्भुत नज़ारे देखने को मिलते हैं।

सांगला बौद्ध मठ

सांगला बौद्ध मठ को बरेलेंगी गोम्पा भी कहा जाता है। यह सांगला घाटी का प्रसिद्ध गोम्पा है। जहां बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ ही देश व दुनिया भर के पर्यटक पहुंचते हैं।

बेरिंग नाग मंदिर

बैरिंग नाग सांगला के प्रमुख देवता हैं। यहां हर साल अगस्त और सितंबर में फुलैच मेला लगता है। इस मेले में इस घाटी के अलावा किन्नौर भर से लोग आकर देवता के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था का परिचय देते हैं।

कैसे पहुंचें

सांगला से निकटतम हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन शिमला में है, जो की सांगला से 225 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां का हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहर दिल्ली, मुंबई आदि से जुड़ा हुआ है। सांगला जाने के लिए शिमला से नियमित रूप से सामान्य और डीलक्स बसें चलती हैं। ये बसें आरामदायक और किफायती भी हैं। शिमला आने के लिए दिल्ली, पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों से नियमित बस चलती हैं। सांगला जाने के लिए सड़क मार्ग सबसे अच्छा है, क्योंकि इससे आप खबसूरत रास्तों को देखने का मजा ले पाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!