प्रकृति की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित एक आदर्श पर्यटन स्थल है गुशैनी

देवभूमि हिमाचल प्रदेश में कई पर्यटन स्थल है। यहां का हर क्षेत्र अपने आप में बहुत सारी विशेषताएं समेटे हुए है। प्रदेश के पर्यटन स्थल अपने ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौन्दर्य से पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। प्रकृति प्रेमियों और साहसिक खेलों में रूचि रखने वाले पर्यटकों के लिए हिमाचल प्रदेश में घूमने लायक कई खूबसूरत स्थल है। इन्ही खूबसूरत स्थलों में से एक है गुशैनी। यह प्रदेश के कुल्लू जिले में तीर्थन की घाटी में स्थित है। समुद्र स्तर से लगभग 4500 फुट की ऊंचाई पर स्थित गुशैनी तीर्थन नदी के पास बसा हुआ है। इसे ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। गुशैनी से हिमालयन नेशनल पार्क की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है।

गुशैनी का प्राकृतिक और शांत वातावरण आपको मंत्र मुग्ध कर देगा। यहां बने हुए लकड़ी के घर इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित करते हैं। यह पर्यटकों को भी काफी आकर्षित करते हैं। गुशैनी को ट्राउट देश भी कहा जाता है, क्योंकि यह ट्राउट मछली पकड़ने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है। यहां प्रचुर मात्रा में ट्राउट मछली उपलब्ध हैं। गुशैनी मछली पकड़ने के अवसरों को प्रदान करता है। कुल मिलाकर प्रकृति से प्यार करने वालों के लिए यह एक आदर्श स्थल है। इस स्थान पर पर्यटकों के ठहरने के लिए होम-स्टे, गेस्ट हाउस, कैम्पिंग-साइट्स और रिसोर्ट की सुविधा उपलब्ध हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की सैर करने के इच्छुक कई पर्यटक यहां ठहरना पसंद करते हैं।

बता दे कि 1984 में स्थापित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क इस क्षेत्र के सबसे प्रमुख आकर्षण में से एक है। 1171 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस पार्क में 30 प्रजातियों के स्तनधारी और लगभग 300 प्रजातियों के पक्षी रहते हैं। गुशैनी के नजदीक ही एक अन्य पर्यटन स्थल शोजा भी मौजूद है। प्राकृतिक खूबसूरती और मछली पकड़ने के अलावा गुशैनी ट्रैकिंग के लिए भी एक आदर्श स्थल है। पर्यटक प्रकृति के बीच चलने का आनंद यहां के जंगलो और प्राकृतिक उपवनो में ले सकते हैं। गुशैनी में साल के किसी भी मौसम में आया जा सकता है, लेकिन यहां आने का सबसे अच्छा समय फरवरी से जून और सितंबर से नवंबर के बीच का होता है।

कैसे पहुंचें गुशैनी

सड़कमार्ग द्वारा गुशैनी तक पहुंचना बहुत ही आसान है। चंडीगढ़, कुल्लू और नई दिल्ली से गुशैनी के लिए नियमित बसें उपलब्ध है। निजी वाहन की मदद से भी गुशैनी पहुंचा जा सकता है, लेकिन यहां की सड़को में काफी ढलान हैं। ऐसे केवल अनुभवी चालकों को गाड़ी चलानी चाहिए। यहां से नजदीकी हवाई अड्डा कुल्लू में स्थित भुंतर हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा नई दिल्ली, चंडीगढ़, पठानकोट, धर्मशाला और शिमला से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन है जो भारत में मुख्य शहरों से जुड़ा हुआ है।

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