मनाली में हिंदू धर्म के प्रमुख सप्त ऋषियों में से एक ऋषि वशिष्ठ का है मंदिर

पर्यटन नगरी मनाली को अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। मनाली में कई दर्शनीय स्थल भी हैं, जिनमें से ऋषि वशिष्ठ मंदिर व हिडिम्बा देवी मंदिर प्रमुख हैं। वशिष्ठ मंदिर मनाली से करीब 3 किलोमीटर दूर वशिष्ठ नामक गांव में है। वशिष्ठ गांव में भगवान राम और ऋषि विशिष्ठ के दो मंदिर हैं। माना जाता है कि यह वही स्थान है, जहां पर ऋषि वशिष्ठ ने तप किया था। मंदिर परिसर में गर्म पानी का प्राकृतिक स्त्रोत भी है। तीर्थ यात्री दर्शन करने से पूर्ण यहां स्नान करते हैं। गर्म पानी में ठंड में भी यहां श्रद्धालु नहाते हैं। प्राकृतिक स्त्रोत को लेकर लोगों की मान्यता है कि इसमें नहाने से चर्म रोगों की समस्या दूर हो जाती है।

देशी-विदेशी पर्यटकों की दृष्टि से यहां पर जल से स्नान करने के लिए फुहारा घर भी बने हुए हैं। इस स्थान पर प्राचीन देवालय और बावड़ी के कुछ ऐसे अवशेष भी ध्यान आकर्षित करते हैं, जो मध्य युगीन मंदिर स्थापत्य कला की विशेषताओं का लिए हुए हैं। प्राचीन समय में यहां बड़ी मात्र में देवदार के पेड़ हुआ करते थे। यहीं कारण है कि मंदिरों के निर्माण में देवदार का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया गया है। मंदिर के गर्भगृह में ‘मनु ऋषि’ और ‘हिडिम्बा’ की पाषाण प्रतिमाएं स्थापित हैं। गर्भगृह के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ बना हुआ है।

पौराणिक कथा

कथा के अनुसार ऋषि वशिष्‍ठ को हिंदू धर्म के प्रमुख 7 ऋषियों में से एक माना जाता है। विश्वामित्र द्वारा ऋषि वशिष्‍ठ के पुत्र की हत्या किए जाने के बाद ऋषि वशिष्‍ठ ने नदी में कूदकर अपनी जान देने का प्रयास किया था। हालांकि वह बच गए और पानी के बहाव के साथ इस गांव में आ गए। इसलिए इस गांव को विशिष्ट कहा जाने लगा। इसके बाद ऋषि वशिष्‍ठ ने इस गांव में अपने जीवन की एक नई शुरूआत कर दी थी। इस घटना के बाद यहां बहने वाली व्यास नदी को विपाशा नदी कहा जाने लगा था। इसका अर्थ होता है बंधनों से मुक्‍त। वर्तमान में विपाशा नदी को व्‍यास नदी के नाम से जाना जाता है।

कैसे पहुंचें वशिष्ठ मन्दिर

यह धार्मिक स्थल मनाली से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। श्रद्धालु यह दूरी वाहन की मदद से तय कर सकते हैं। मनाली सीधे रूप से हवाई और रेल मार्ग से जुड़ा हुआ नहीं है। यहां से निकटतम हवाई अड्डा 50 किलोमीटर दूर भुंतर कुल्लू में स्थित है। भंतुर के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ से फ्लाइट मिलती हैं। भुंतर से मनाली के लिए बस चलती हैं। मनाली से नजदीकी रेलवे स्टेशन 162 दूर बैजनाथ में है, जहां तक पठानकोट से छोटी लाइन से पहुंचा जा सकता है। यहां से मनाली जाने के लिए आप सड़क मार्ग का सहारा ले सकते हैं। मनाली जाने के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ से बसें चलती हैं। दिल्ली से मनाली की दूरी करीब 540 किलोमीटर है।

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