हिमाचल की खूबसूरत ऑफबीट जगहों में से एक है जुब्बल, बनाएं घूमने का प्लान

Himachal travel jubbal- पर्यटक आजकल ऐसी जगहों पर घूमने का प्लान करते हैं, जो भीड़-भाड़ से कौसों दूर हो। हिमाचल प्रदेश में इस तरह की कई जगहें हैं, जहां आप घूमने के लिए जा सकते हो। इन जगहों को ऑफ बीट स्टेशन के रूप में जाना जाता है। हिमाचल में एक ऐसा ही खूबसूरत पर्यटक स्थल है जुब्बल जो पब्बर नदी के तट पर बसा है। शिमला से करीब 90 किलोमीटर की दूरी पर जुब्बल की समुद्रतल से ऊंचाई 1901 मीटर है। 288 वर्ग मील के एक क्षेत्र में फैली यह जगह नेचर लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि जुब्बल राजा करम चंद ने इसे स्थापित किया था। कहा जाता है कि राजा दिग्विजय सिंह के शासनकाल के दौरान 15 अप्रैल, 1948 को भारत के साथ इसका विलय कर दिया था।

जुब्बल महल ​की विशेषता

जुब्बल में एक आलीशान पैलेस भी है, जिसका डिजाइन एक फ्रांसीसी वास्तुकार ने किया था। यह महल ‘राणा धाम’ के रूप में जाना जाता है जो चीनी स्थापत्य शैली को प्रदर्शित करता है। महल की एक दिलचस्प विशेषता यह है कि इसका निचला हिस्सा बलुआ पत्थर से बना है। महल का अधिकतर भाग एक गोल आकार में देवदार की लकड़ी से बना है। महल में प्राचीन वस्तुएं और एक पुस्तकालय है, जहां संस्कृत और फारसी पुस्तकों का एक विशाल संग्रह है। यह महल प्राचीन अस्त्र-शस्त्रों को भी दर्शाता है, जो जुब्बल के शाही परिवारों ने इस्तेमाल किए थे।

himachal travel jubbal

आसपास कई और जगहों पर भी घूमा जा सकता है 

यहां आप घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहों पर जा सकते हो, जिनमें प्रसिद्ध चंद्र नाहन झील शामिल है। चंद्र नाहन झील, पब्बर नदी का उदगम स्थल है, जहां पर्यटक मछली पकड़ने का आनंद ले सकते हैं। जुब्बल में हाटकेश्वरी मंदिर भी घूमने के लिए काफी संख्या में सैलानी आते हैं। लोककथाओं के अनुसार पांडवों ने अपने वनवास काल में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मंदिर 800 और 1000 ई. के बीच की अवधि के दौरान बनाया गया था। मंदिर को बाद में 19वीं सदी में जुब्बल के राजाओं ने ​फिर से बनवाया। जुलाई के महीने में आयोजित ‘रामपुर जटर’ का त्योहार और ‘हेमीस’ इस जगह के आकर्षण को बढ़ाते हैं। हेमीस त्योहार तिब्बती बौद्ध धर्म के इतिहास में एक महत्वपूर्ण हस्ती गुरु पद्मसंभव, जिन्हें ‘शेर जोरदार गुरु’ के रूप में भी जाना जाता है, के सम्मान में मनाया जाता है।

यहां कैसे जाएं-

जुब्बल घाटी तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। दिल्ली से जुब्बल घाटी की दूरी लगभग 420 किलोमीटर है। शिमला तक आप छोटी लाइन की ट्रेन से पहुंच सकते हैं। जहां से आगे बस या टैक्सी से पहुंचा जा सकता है। सर्दी और बसंत के मौसम में यहां की सुंदरता देखते ही बनती है। जिस वजह से पर्यटक इस मौसम में यहां आना पसंद करते हैं।

प्रकृति और जीवों से है प्यार तो एक बार जरूर करें दाचीगम सेंक्चुरी का दीदार

14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है एशिया का सबसे ऊंचा पुल

रोमांच के शौकीनों के लिए बर्फीले पहाड़ों से घिरा काजा स्वर्ग से कम नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/himalayandiary/public_html/wp-includes/functions.php on line 4344