देवों की भूमि है ऋषिकेश, जहां ऐसे एन्जॉय करते हैं टूरिस्ट

दिल्ली, राजस्थान, पंजाब के लोग अक्सर गर्मियों के मौसम या फिर किसी खास त्योहार में गंगा स्नान के लिए अक्सर हरिद्वार या फिर ऋषिकेश का ही रुख करते हैं। यह जगह ना सिर्फ इन राज्यों के पास है, बल्कि देवों का गढ़ भी इसे कहा जाता है। पिछले काफी वक्त से ऋषिकेश में ना सिर्फ लोग देवों की आरधना और गंगा स्नान के लिए आते हैं, बल्कि अब ईको टूरिज्म को एन्जॉय करने के लिए भी आ रहे हैं।

पिछले कुछ सालों में यह जगह एक बेहतर पर्यटन के केंद्र के रूप में बनकर उभरी है। रिवर रॉफ्टिंग हो या फिर मौज मस्ती के लिए जंगल कैंप या रिवर कैंप, युवाओं को ऋषिकेश के आसपास वो सब चीजें मिलती हैं, जो ना सिर्फ उनके वीकेंड में चार चांद लगाती हैं बल्कि उनके दिलों-दिमाग को फ्रेश कर देती है।

खासकर नदी किनारे बैठकर कुल्हड़ वाली चाय पीने का जो मजा है, वो भी पहाड़ों के बीच उसका सुकून ही कुछ और है। सुकून के साथ ये जगह आपके पेट के लिए भी काफी बेस्ट है। ऋषिकेश में आप सिर्फ लोकल फूड ही नहीं बल्कि पहाड़ों में मिलने वाली बेस्ट डिश का आनंद ले सकते हैं, वो भी पॉकेट फ्रेंडली प्राइज पर।

 

कहां ठहरे : कहीं भी जाने से पहले लोगों को इस बात की चिंता सताती है कि आखिरकार वो रहेंगे कहां। तो ऋषिकेश में आपको इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां उत्तरांचल सरकार ने पर्यटकों के लिए आवास गृह बनाए हैं। पर्यटक अपने बजट के हिसाब से ठहरने के जगह बुक करवा सकते हैं। इतना ही नहीं कई ऐसी जगह भी हैं, जहां पर आप फ्री में अपना सामान रखकर पूरे दिन धूम सकते हैं।

कैसे पहुंचे : आमतौर पर लोग हरिद्वार से ही ऋषिकेश जाते हैं। हरिद्वार दिल्ली से लगभग 225 किलोमीटर दूर है, यानि की महज 5 घंटे का रास्ता। अगर आप दिल्ली से यात्रा कर रहे हैं तो ट्रेन से आना बेस्ट विकल्प है। भारतीय रेल में दिल्ली से हरिद्वार जाने के लिए 140 रुपये से 1200 रुपये तक की टिकट उपलब्ध है। इसके अलावा अगर बस से आ रहे हैं, तो दिल्ली व हरिद्वार, गढ़वाल विकास निगम-मंडल द्वारा कई टूर प्लान उपलब्ध हैं। जहां प्राइवेट टैक्सी, उत्तरांचल रोडवेज की बसें या निजी यातायात सेवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जिसका लाभ पर्यटक आसानी से उठा सकते हैं।

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