कोकेरनाग की शांत और खूबसूरत वादियों में है मानसिक और आत्मिक शांति का अनूठा संगम

प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जम्मू कश्मीर को पर्यटन के क्षेत्र में विश्व में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी जाना जाता है। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले इस प्रदेश में हर साल करोड़ो की संख्या पर्यटक पहुंचते हैं। यहां स्थित बर्फीली पहाड़ियां, नदी, झील और हरियाली पर्यटकों को काफी पसंद आती हैं। जम्मू कश्मीर में कई लोकप्रिय पर्यटन स्थल मौजूद हैं। वहीँ कुछ पर्यटन स्थल ऐसे भी हैं जो बहुत खूबसूरत है, लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण वहां ज्यादा पर्यटक नहीं पहुंचते हैं। आज हम आपको प्रदेश के एक ऐसे ही पर्यटन स्थल कोकेरनाग के बारे में बताने जा रहे है। यह खूबसूरत पहाड़ी स्थल प्रदेश के अनंतनाग जिले में स्थित है।

 

कोकेरनाग मुख्यतः दो शब्दों ‘कोकर’ और ‘नाग’ से मिलकर बना हुआ है। कोकर शब्द कश्मीरी शब्द मोरगी से लिया गया है जिसका अर्थ ‘चिकन’ होता है, जबकि नाग संस्कृत का एक शब्द है जिसका अर्थ ‘सांप’ होता है। ताजे पानी के कुंड, चारों तरफ फैली हरियाली से भरपूर कोकेरनाग आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी कम हैं। इसका कारण यह है कि ज्यादातर आम पर्यटक इस स्थल से अनजान हैं। इस कारण यह खूबसूरत पर्यटन स्थल शांत और प्रदुषण रहित है। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर यहां की खूबसूरत वादियों में आकर पर्यटक एक लंबा क्वालिटी टाइम सपेंड कर सकते हैं। फोटोग्राफी का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए भी यहां फोटोग्राफी करना मजेदार अनुभव होता हैं।

यहां छोटे-छोटे कई सरोवर स्थित हैं और इन सरोवरों को एकत्रित रूप से ‘कोकर’ नाम से जाना जाता हैं। प्रकृति की असीम खूबसूरती के बीच बहता ताजा पानी मन को गहरी शांति प्रदान करता है। कोकरनाग शुद्ध जल की कश्मीर की सबसे विशाल सरोवर है। कोकरनाग में देखने के लिए कई सारे आकर्षक स्थल मौजूद हैं। कोकरनाग आने वाले पर्यटक बोटॉनिकल गार्डन की सैर करना नहीं भूलते। धार्मिक पर्यटक कोकरनाग में हनुमान मंदिर, सीता मंदिर, नीला नाग, गणेश मंदिर और शिवा मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।

कैसे पहुंचें कोकरनाग

कोकरनाग, अनंतनाग से लगभग 25 और श्रीनगर से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से नजदीकी हवाई अड्डा श्रीनगर में और नजदीकी रेलवे स्टेशन अनंतनाग में स्थित है। श्रीनगर के लिए देश के कई बड़े शहरों से सीधी फ्लाइट्स मिल जाती हैं। कोकेनाग सड़क मार्ग द्वारा आसपास के बड़े शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां का मौसम वर्षभर खुशनुमा बना रहता है। आप यहां साल के किसी भी महीने में आ सकते हों। हालांकि जुलाई से लेकर अक्टूबर तक यहां की खूबसूरती में दोगुना इजाफा हो जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/himalayandiary/public_html/wp-includes/functions.php on line 4469