देखिए Rohtang की खूबसूरती, शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा, सिर्फ 600 रुपये में

हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित रोहतांग दर्रा अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। जिस वजह से हर पर्यटक गर्मियों में घूमने के लिए यहां आना चाहता है। रोहतांग दर्रा को लाहौल स्पीति, पांगी और लेह घाटी का प्रवेश द्वार माना जाता है। कुल्लू क्षेत्र में सबसे खूबसूरत जगहों में से एक रोहतांग दर्रा है। यह दर्रा समुद्री तल से 4111 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है जो कि हिमालय का एक प्रमुख दर्रा है। पहले इस जगह को ‘भृगु-तुंग’ के नाम से जाना जाता था। उत्तर में मनाली, दक्षिण में कुल्लू शहर से 51 किलोमीटर दूर यह जगह मनाली-लेह के हाइवे में पड़ता है। पूरे साल इस जगह पर बर्फ की चादर बिछी रहती है। पर्यटन विभाग के अनुसार साल 2008 में करीब 100,000 विदेशी पर्यटक यहां आए थे जो कि अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है। यहां से हिमालय श्रृंखला के पर्वतों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है।

जानकारी के लिए बता दें कि शाहिद और करीना कपूर की बॉलीवुड फिल्म जब वी मेट के फेमस गाने ‘ये इश्क हाए’ का पहला भाग रोहतांग दर्रे पर शूट किया गया था। अगर आप नेचर लवर हो तो  लाहौल घाटी में बहने वाले ग्लेशियरों, चोटियों और चंद्र नदी के शानदार नजारों को देख आपका दिल इन्हीं पर अटक रह जाएगा। यह दर्रा पीर पंजाल के दोनों ओर के लोगों के बीच एक प्राचीन व्यापार मार्ग है। जोजिला दर्रा की तरह रोहतांग भी लद्दाख के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

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सालभर बर्फ जमें होने के कारण रोहतांग दर्रा पूरे वर्ष नहीं खुला रहता है जिस वजह से भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण नवंबर से अप्रैल तक रोहतांग दर्रा बंद रहता है। रोहतांग दर्रा ग्रीष्मकाल में यानी मई से जून तक खुला रहता है। 10 जून से मनाली से रोहतांग के बीच इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हो चुकी है। अब पर्यटक बिना किसी परमिट के इलेक्ट्रिक बसों से रोहतांग में घूम सकेगें। 13 जून से प्रतिदिन 5 इलेक्ट्रिक बसें रोजाना भेजी जाएंगी जिनकी संख्या बाद में बढ़ाई जाएगी। 25 सीटर वाली इलेक्ट्रिक बस का किराया 600 रुपये प्रति सीट निर्धारित किया गया है।

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रोहतांग दर्रे से बेहद नजदीक सोलंग वैली है यहां जाकर आप स्कीइंग, पैराशूटिंग, जोरबिंग, घुड़सवारी का आंनद ले सकते हो। मनाली से रोहतांग दर्रा आने वाले मार्ग के बीच रेहला वाटर फॉल का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। इस झरने की ऊंचाई 2500 मीटर है जो दूर से ही दिखाई देता है। इसके अलावा चंद्र और भागा का संगम भी है जिसे चिनाब के नाम से जाना जाता है। लाहौल और स्पीति घाटी में कई सारे मठ दिखाई देगें जिन्हें देखने के लिए देश से ही विदेश से भी पर्यटक आते हैं।

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