बर्फबारी ने कश्मीर में तोड़ा 32 साल पुराना रिकॉर्ड, बर्फ की मोटी चादर से ढका गुलमर्ग

पिछले चार दिनों से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल तय समय से पहले ही बर्फबारी शुरू हो गई है। बर्फबारी के हालात यह है कि नवंबर के महीने में बर्फबारी का जम्मू कश्मीर का 32 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। लगातार हो रही बर्फबारी को देखते हुए जम्मू कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बर्फीले तूफान का अलर्ट भी जारी किया गया है। पिछले तीन दिन में गुलमर्ग में इतनी बर्फ गिरी कि सड़कों का नामोनिशान खत्म हो गया। गुलमर्ग में पेड़ पौधों से लेकर मकान की छत तक बर्फ से पूरी तक ढक गई है।

 

मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि गुलमर्ग में पिछले तीन दिनों में चार फीट तक बर्फबारी हो चुकी है और अभी भी बर्फबारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फीले तूफान का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर भारत सहित पूरे देश में ठंड का अहसास होने लगा है। बर्फबारी के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला, फुकरी सहित उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी स्थलों पर बर्फबारी का मजा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि रिज और मालरोड पर बर्फबारी नहीं होने से वहां कम संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।

शिमला, फुकरी और नारकंडा सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के पहुंचने से पर्यटन से जुड़े व्यापारियों के चेहरे खिल गए हैं। होटल मालिक, घोड़े वाले, टूरिस्ट गाइड और फोटोग्राफर भी पर्यटकों के अधिक मात्रा में पहुंचने से खुश दिखाई दे रहे हैं। लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों, चंबा, कुल्लू व किन्नौर जिलों में गुरुवार सुबह से बर्फबारी हो रही है। गुरुवार को लाहौल व स्पीति जिले का केलोंग एरिया सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान -3।3 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर बर्फबारी के कारण दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल शेष प्रदेश से कट गया है और अगले 6 माह के लिए यहां के लिए आवागमन थम गया है।

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