हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत नगरी पौंटा साहिब में है प्रसिद्द देई का मंदिर

देई का मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस धार्मिक स्थल का निर्माण सिरमौर के तत्कालीन राजा की बहन ने करवाया था। यह मंदिर हिंदू भगवान श्री राम जी और सूर्यवंशी शासकों के परिवार के देवता को समर्पित है।

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मनाली में हिंदू धर्म के प्रमुख सप्त ऋषियों में से एक ऋषि वशिष्ठ का है मंदिर

मंदिर परिसर में गर्म पानी का प्राकृतिक स्त्रोत भी है। तीर्थ यात्री दर्शन करने से पूर्ण यहां स्नान करते हैं। गर्म पानी ठंड में भी यहां श्रद्धालु नहाते हैं। प्राकृतिक स्त्रोत को लेकर लोगों की मान्यता है कि इसमें नहाने से चर्म रोग की समस्या दूर हो जाती है।

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शिमला के हसीं नजारों के बीच स्थित है प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर

गणेश मंदिर की डिजाइन दक्षिण भारतीय वास्तुकला शैली को प्रदर्शित करती है। यह जगह इतनी शांत और सुंदर है कि यहां पहुंच कर आपके कष्ट और संकट अपने-आप ही दूर होते महसूस होने लगते हैं। यहां हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पधारते हैं।

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अद्भुत खूबसूरती और रहस्यमयी धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्द है मंडी की करसोग घाटी

करसोग घाटी को अनूठी लोक-संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाज, ऐतिहासिक मंदिरों, सेब के बगीचों और कई तरह के पेड़ो के लिए जाना जाता हैं। यहां का अद्भुत सौंदर्य देखते ही बनता है। करसोग में मौजूद मंदिरों का संबंध महाभारत के काल से माना जाता हैं।

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हिमाचल के पालमपुर में स्थित है बारह ज्योतिलिंगों में से एक बैजनाथ धाम

पांडव युग में बने इस मंदिर का 2500-3000 साल पहले प्राकृतिक आपदा के कारण विनाश हो गया था। खास बात यह है कि देश के अन्य हिस्सों की तरह यहां पर दशहरे के अवसर पर रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाता है बल्कि भगवान शिव के साथ रावण की भी पूजा की जाती है।

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माता सिमसा मंदिर के दरबार में फर्श पर सोने से होती है संतान की प्राप्ति

माता लिंग निर्धारण के भी संकेत देती है। जैसे अगर महिला को सपने में अमरुद का फल प्राप्त होता है तो यह लड़का होने का संकेत है जबकि भिंडी प्राप्त होती है तो लड़की होने का संकेत है। अगर सपने में धातु, लकड़ी या पत्थर की बनी कोई वस्तु प्राप्त होती है तो संतान नहीं होगी।

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प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक मंदिरों का शहर है हिमाचल प्रदेश का मंडी

मंडी में हिंदू धर्म के 300 से भी ज्यादा मंदिर स्थित हैं। इनमे से ज्यादातर भगवान शिव और माता काली को समर्पित हैं। पंचवक्रता मंदिर, अर्द्धनारीश्‍वेर मंदिर और त्रिलोकनाथ मंदिर यहां के प्रमुख मंदिरों में से एक है। मंडी में स्थित भूतनाथ मंदिर यहां का सबसे प्राचीन मंदिर है। इसका निर्माण 1520 ई। में किया गया था।

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51 शक्तिपीठों में से एक है मां ब्रजेश्वरी देवी मंदिर, दर्शन मात्र से दूर होते है कष्ट

मां ब्रजेश्वरी के मंदिर में तीन गुंबद है। पहला गुंबद हिन्दू धर्म, दूसरा गुंबद मुस्लिम धर्म और तीसरा गुंबद सिख धर्म का प्रतिक माना जाता है। यही कारण है कि माता के इस पवित्र मंदिर में हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम और सिख धर्म के श्रद्धालु भी पूजा करने के लिए आते हैं।

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मंडी में है चमत्कारिक शिकारी देवी मंदिर, कोई नहीं बना पाया मंदिर की छत

मंदिर में स्थित माता की मूर्ति खुले आसमान के नीचे स्थापित है। यानि मंदिर में छत नहीं बनी हुई है। आश्चर्य की बात यह है कि इस मंदिर में कई बार छत लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन माता की शक्ति के प्रभाव से कभी भी इस मंदिर की छत निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया।

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चंबा में है चमत्कारिक मणिमहेश धाम, मणि रूप में दर्शन देते है भगवान शिव

मान्यता है कि चंबा कैलाश पर्वत के शिखर पर भगवान शिव शेषनाग मणि के रूप में विराजमान है। स्थानीय लोगों का मानना है कि देवी पार्वती से शादी करने के बाद भगवान शिव ने मणिमहेश पर्वत की रचना की थी। हजारों वर्षों से श्रद्धालु इस पवित्र तीर्थ स्थल के दर्शन करने के लिए आते हैं।

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