प्रकृति की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित एक आदर्श पर्यटन स्थल है गुशैनी

गुशैनी को ट्राउट देश भी कहा जाता है, क्योंकि यह ट्राउट मछली पकड़ने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है। यहां प्रचुर मात्रा में ट्राउट मछली उपलब्ध हैं। गुशैनी मछली पकड़ने के अवसरों को प्रदान करता है। कुल मिलाकर प्रकृति से प्यार करने वालों के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

Read more

प्रकृति को करीब महसूस करने के लिए आदर्श स्थल है ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क

यहां आकर पर्यटक भूरे भालू, औबेक्स, काले भालू, कस्तूरी मृग, हिम तेंदुए की दुर्लभ प्रजातियों और हिमालयन थार जैसे पशुओं को देख सकते हैं। यहां सैकड़ों दुर्लभ पशुओं का बसेरा है। दुर्लभ प्रजाति के सुगंधित और औषधीय गुणों से भरपूर पौधे भी यहां मौजूद हैं। यहां बड़ी संख्या में तेंदुएं पाएं जाते हैं।

Read more

कुल्लू में मौसम फिर ले सकता है करवट, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए तीन दिनों का अलर्ट जारी

कुल्लू प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वह बर्फबारी के दौरान ऊंची पहाड़ियों की ओर न जाएं। प्रशासन ने तीन दिनों तक तीन दिन मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थति में पर्यटक या स्थानीय लोग जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश में 15 नवंबर से मौसम शुष्क रह सकता है। प्रदेश में इन दिनों सुबह व शाम के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।

Read more

बर्फबारी से गुलजार हुई लाहौल और मनाली की चोटियां, खिले पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे

त्योहारी सीजन में मनाली में हो रही ताजा बर्फबारी से जहां एक तरफ पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं, वहीँ दूसरी तरफ पर्यटन से जुड़े व्यापारियों में भी ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी हैं। पर्यटन व्यापारियों का कहना है कि गुरुवार को घाटी में हुई ताजा बर्फ़बारी और आसमान में बादल छा जाने से यहां का मौसम सुहावना हो गया हैं। व्यापारियों का मानना है कि दशहरा सीजन में घाटी में ज्यादा पर्यटक नहीं पहुंचे, लेकिन हाल ही में हुई ताजा बर्फबारी के कारण दिवाली में कारोबार बेहतर होने की उम्मीद है।

Read more

हरे-भरे पहाड़ों से घिरा हुआ पवित्र धार्मिक स्थल है कुल्लू का हणोगी माता मंदिर

मान्यता है कि प्राचीन काल में यह स्थान अभय राम गुरु का निवास स्थल था। वह तांत्रिक विद्या में निपुण थे। लोगो की मान्यता है कि अभय राम गुरु ने अपनी शक्तियों की मदद से तुंगाधार पर्वत श्रृंखला से तुंगा माता को हणोगी लेकर आए थे।

Read more

पार्वती घाटी में बसा है ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मणिकर्ण साहिब

मणिकर्ण साहिब गुरूद्धारे को लेकर लोगों की मान्यता है कि गुरू नानक देव जी ने अपनी यात्रा के दौरान सबसे पहले इसी जगह पर ध्यान लगाया था। मणिकर्ण दो शब्द मणि और कर्ण से मिलकर बना हुआ हैं। मणि का मतलब बेशकीमती पत्थर और कर्ण का मतलब कान होता है।

Read more

कुल्लू में है शंगचूल महादेव मंदिर, यहां मिलती है घर से भागे प्रेमियों को शरण

समाज से ठुकराया हुआ प्रेमी जोड़ा अगर एक बार यहां आ जाए है, तो फिर गांव के लोग देवता के आदेशों के तहत इन लोगों की रक्षा करते हैं। जब तक मामले का निपटारा न हो जाए। यहां के ब्राह्मण समुदाय के लोग उनका खास ध्यान रखते हैं।

Read more

हिमाचल को प्रकृति का नायाब तोहफा है कुल्लू का नग्गर

इस नगर की एक ओर खास बात यह है कि यहां कदम-कदम पर होटल और रेस्त्रां है, लेकिन फिर भी सफाई ऐसी की आप सड़क पर बैठकर खाना खा सकते हो। नग्गर को देखकर आपको ऐसा लगेगा जैसे प्रकृति ने इसे बड़ी ही फुर्सत में तराशा है।

Read more

कुल्लू में है भगवान शिव का चमत्कारी मंदिर, 12 साल में एक बार गिरती है बिजली

कुल्लू में रहने वाले लोगों के अनुसार जिस जगह पर मंदिर बना हुआ है। वहां हर 12 साल में आकाश से भयंकर बिजली गिरती है। बिजली के गिरने से मंदिर में बना शिवलिंग खंडित हो जाता है।

Read more

पहाड़ों में आरामदायक सफर, हिमाचल में लोकप्रिय टूरिस्ट स्पाॅट तक चलेंगी कूल इलेक्ट्रिक बसें

पहाड़ी टूरिस्ट स्पाॅट तक आरामदायक सफर कराने के मकसद से आधुनिक सुविधाओं वाली कूल-कूल इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। कसौली, कुल्लू-मनाली, धर्मशाला-मैक्लोडगंज, डलहौजी-चंबा और शिमला-सोलन जैसे शहरों में बारहों महीने पर्यटकों का तांता लगा रहता है लेकिन, यहां तक पहुंचने में पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रदूषण फैलाने वाली डीजल-पेट्राल ट्रांसपोर्ट सेवाओं से पर्यावरण को भी नुकसान पहंचता है।

Read more
error: Content is protected !!