religious place Archives - THE HIMALAYAN DIARY

भगवान शिव को पाने के लिए हरिद्वार के इस स्थान पर माता पार्वती ने की थी तपस्या

यहां रहने के दौरान माता पार्वती को पीने के पानी की समस्या आती थी। ऐसे में देवताओं के निवेदन करने पर स्वयं परमपिता ब्रह्मा ने अपने कमंडल से गंगा की जलधारा प्रकट करते थे। बिल्केश्वर महादेव मंदिर के नजदीक ही एक कुंड है, जिसे गौरी कुंड कहा जाता है।

Read more

बागेश्वर में है प्रसिद्द बागनाथ मंदिर, यहां बाघ रूप में प्रकट हुए थे भगवान शिव

यह स्थान मार्केंडेय ऋषि की तपोभूमि रहा है। यहीं पर मार्केंडेय ऋषि ने भगवान शिव की पूजा की थी। मार्केंडेय ऋषि की पूजा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने बाघ रूप में उन्हें दर्शन दिया था। इसी कारण इस जगह को पहले व्याघ्रेश्वर” नाम से जाना गया, जो बाद में बागेश्वर हो गया।

Read more

श्रीखंड महादेव यात्रा की हुई शुरुआत, दुर्गम और खतरनाक रास्तें से गुजरते हैं श्रद्धालु

सोमवार को प्रदेश के कुल्लू के आनी से इस दुर्गम यात्रा की शुरूआत हो गई है। आमतौर पर 15 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा इस साल 15 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित की जा रही है।

Read more

प्रकृति की गोद में बसा है प्रसिद्ध मंकी पॉइंट, यहां पड़े थे हनुमान जी के पांव

मंकी पॉइंट पर आकर पर्यटक खुद को प्रकृति के बीच महसूस करते हैं। इस स्थान से सतलुज नदी, चंडीगढ़ और बर्फ ढकी से चूर चांदनी चोटी के दर्शन होते हैं।

Read more

प्राकृतिक खूबसूरती और प्राचीनतम धार्मिक स्थलों का संगम है नारानाग

नारानाग में स्थित मंदिर भारत के सबसे महत्वपूर्ण पुरातन-स्थलों में गिने जाते हैं। यहां भगवान शिव को समर्पित मंदिरों का समूह है जो एक-दूसरे की तरफ मुख किये हुए हैं। माना जाता है कि इन मंदिरों का निर्माण 8वीं शताब्दी में कश्मीर नरेश ललितादित्य ने करवाया था।

Read more

मंडी में जल्द बनेगा शिवधाम, स्थापित किए जाएंगे 12 ज्योर्तिलिंग

प्रदेश सरकार मंडी में शिव धाम विकसित करेगी। यहां 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित किए जाएंगे और गंगा आरती की तरह ब्यास आरती का आयोजन किया जाएगा।

Read more

जोगिन्दरनगर के अवाही नाग मंदिर में मिलती है कालसर्प दोष से मुक्ति

प्रत्येक सोमवार तथा खासकर नागपंचमी के दिन भी सर्प दोष से पीड़ित श्रद्धालु इस धार्मिक स्थल पर पहुंचते हैं और यहां चांदी से बना हुआ नाग और नागिन का जोड़ा चढ़ाते हैं।

Read more

करसोग के नजदीक है प्रसिद्ध चिंडी माता का मंदिर, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता के मंदिर में सच्चे मन से प्रार्थना करने पर निसंतान दम्पत्तियों को संतान की प्राप्ति जरुर होती है। गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्ति भी माता के मंदिर में स्वस्थ होने की कामना करने के लिए पहुंचते हैं।

Read more

मणिमहेश जाने वालों के लिए खुशखबरी, श्रद्धालुओं के लिए खुला कुगती पास

जोबरंग से मणिमहेश झील तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब चार दिनों तक ट्रेकिंग करना पड़ती है। इस दौरान श्रद्धालुओं को पथरीले और ऊबड़खाबड़ रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।

Read more

पौड़ी में है भगवान यमराज की तपस्थली क्यूंकालेश्वर महादेव मंदिर

सोमवार और सावन के महीने में यहां विशेषतौर पर श्रद्धालु पहुंचते है। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से इस स्थान के विशेष महत्व है। यह धार्मिक स्थल चारों तरफ से बांज, बुरांश, चीड़ तथा देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है। यहां से प्रकृति के मनमोहक नज़ारे के भी दर्शन होते है।

Read more