प्राकृतिक खूबसूरती से लबरेज एक अद्भुत धार्मिक स्थल है जोशीमठ

यहां प्राकृतिक खूबसूरती, धार्मिक यात्रा के साथ-साथ पर्यटक कई तरह की एडवेंचर गतिविधियों का आनंद भी ले सकते हैं। अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस कम भीड़ वाले खूबसूरत हिल स्टेशन पर आप आदर्श समय बिता सकते हैं।

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केदारनाथ पहुंचे PM मोदी ने 17 घंटे लगाया ध्यान, लिया केदारनाथ पुनर्निर्माण का जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिनों की धार्मिक यात्रा के तहत आज बदरीनाथ धाम पहुंचें और भगवान का पूजा अभिषेक किया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को केदारनाथ पहुंचे और उन्होंने भगवान शिव का रूद्राभिषेक कर उनकी आराधना की।

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उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित है गोपनीय शक्तिपीठ द्रोणागिरी वैष्णवी

द्रोणागिरी वैष्णवी शक्तिपीठ में प्राकृतिक रूप से निर्मित सिद्ध पिण्डियों की माता भगवती के रूप में पूजा की जाती है। मान्यता है कि मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से आता हैं, उसकी मनोकामना जरुर पूरी होती है। माता के मंदिर पवित्र अखंड ज्योति जल रही है।

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श्राप से मुक्त है भारत का यह अंतिम गांव, यहां आने से दूर होती है दरिद्रता

मान्यता है कि यह गांव किसी भी तरह के श्राप से मुक्त है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपने पापों से मुक्ति मिल जाती हैं। वहीँ आर्थिक तंगी का सामना कर रहे भक्तों को इस स्थिति से निजात मिलती हैं। इस गांव का संबंध पांडवों से भी है।

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प्रकृति से है प्यार तो रानीखेत कराएगा आपको स्वर्ग का अहसास

प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग कहे जाने वाला रानीखेत आम पर्यटकों के अलावा फिल्म निर्माताओं की भी पहली पसंद हैं। खूबसूरत घाटियां, ऊंचे-ऊंचे दूर तक फैले पर्वत, घना जंगल, टेढ़ी-मेढ़ी जलधारा, सुंदर वास्तु कला वाले प्राचीन मंदिर, कई प्रकार के पक्षी, ग्रामीण परिवेश और प्रदुषण मुक्त वातावरण रानीखेत को एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाते हैं।

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भारत का स्विट्जरलैंड है अल्मोड़ा

यहां की प्राकृतिक खूबसूरती की जितनी तारीफ की जाएं उतनी कम हैं। यहां की ताजी हवा और घने जंगल पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए अल्मोड़ा एक आदर्श स्थल साबित हो सकता हैं। यहां के खूबसूरत प्राकृतिक नजारों को देख प्रकृति प्रेमी ख़ुशी से झूम उठते हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा ऐतिहासिक मंदिरों के लिए भी प्रसिद्द हैं।

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अनछुई खूबसूरती और शांत वातावरण, प्रकृति प्रेमियों की पसंदीदा जगह है डीडीहाट

डीडीहाट की प्राकृतिक सुंदरता के बीच खुले असमान के नीचे सितारों को देखते हुए रात बिताना कभी न भूला देने वाला अनुभव प्रदान करता है। इसके अलावा डीडीहाट में आकार पर्यटकों को कुमाऊ के हिमालय में बसे लोगो की देहाती जीवनशैली, रीती-रिवाजों और संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता हैं।

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अब सुकून भरी होगी पहाड़ों की यात्रा, देहरादून से मसूरी के बीच इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल शुरू

इसके अलावा राज्य में ई-व्हीकल का भी प्रयोग किया गया था जो ज्यादा सफल नहीं रहा था। वहीँ सचिवालय में ई-कार भी चलाई गई थी, लेकिन चार्जिंग पॉएंट की सुविधा नहीं होने के कारण यह योजना भी एक हफ्ते से ज्यादा नहीं चल पाई। ऐसे में इस नई योजना के लिए शासन द्वारा विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि तकनीकी दिक्कत की वजह से यह योजना असफल न हो। पहाड़ों में ई-बस चलाने के लिए ड्राइवरों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। मनाली-रोहतांग रूट पर ई-बस का ट्रायल सफल रहा है। अब अगर अब दून-मसूरी और हल्द्वानी-नैनीताल रूट पर बस के ट्रायल भी सफल रहते हैं तो उत्तराखंड भी साफ़ हवा स्वच्छ परिवहन के ने समय में प्रवेश कर पाएगा।

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भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में फिर से अलर्ट जारी, तीर्थयात्रियों को दी चेतावनी

शनिवार को भारी बारिश के बाद आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने एक बार फिर से पर्यटन और तीर्थयात्रियों को चेतावनी दी है। केंद्र ने पर्यटकों से कहा है कि जिलाधिकारी या फिर जनपदों में तैनात पर्यटन अधिकारी के अनुमति के बिना तीर्थ स्थल और पर्यटन क्षेत्रों की ओर न जाएं। इसके अलावा एसडीआरएफ सहित बचाव और राहत कार्यों से जुड़ी एजेंसियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, पर्यटन ,सिंचाई और पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इस मामले की जानकारी देते हुए आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के अधिकारी ने बताया कि बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीम को सजग रहने के लिए कहा गया है।

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टिहरी गढ़वाल में स्थित है प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर प्रसिद्द हिल स्टेशन कनाताल

धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का मजा लेने के अलावा कनाताल में आप रोमांचक एडवेंचर गतिविधियों का आनंद भी उठा सकते है। विश्व के उच्चतम बांधों में से एक टेहरी बांध, कनाताल के मुख्य आकर्षण में से एक है। कनाताल के कोडाई जंगल में पर्यटक ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं।

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