चकराता में दिखाई देता है खूबसूरत नजारा, मॉनसून में करें घूमने का प्लान

वैसे तो उत्तराखंड में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं, पर राज्य की राजधानी देहरादून से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर एक ऐसी ही खूबसूरत जगह है जिसका नाम चकराता है। यह आपको धरती पर स्वर्ग का अनुभव कराती है जो कि अपने आप में अनूठी सुंदरता समेटे हुए है। एशिया का सबसे चौड़ा और ऊंचा देवदार का पेड़ भी यहां से नजदीक कोटी कनासर में स्थित है। यह पेड़ इतना ऊंचा है कि जिसके देखने पर लगता है कि आपकी टोपी सिर से गिर जाएगी। इसके पास ही यहां ऐसा झरना है जिससे टाइगर के गुर्राने की आवाज आती है। इसलिए इसका नाम टाइगर फॉल पड़ गया। हिमाचल की सीमा पर होने कारण चकराता की संस्कृति में हिमाचली संस्कृति की झलक मिलती है। जिस वजह से जौनसार-बावर क्षेत्र में बटे चकराता के लोग यहां आने वाले पर्यटकों की खूब मेहमान नवाबी करते हैं।

 uttarakhand Tourist Place Chakrata in mansoon place

चकराता, देहरादून जिले में एक छावनी शहर है​ जो कि टोंस और यमुना नदियों के बीच बसा है। पहले यह मूल रूप से ब्रिटिश भारतीय सेना का एक छावनी शहर था। चकराता को कर्नल ह्यूम और उनके सहयोगी अधिकारियों ने बसाया था। आज भी यह क्षेत्र 24 घंटे सेना की देखरेख में रहता है। यहां किसी भी विदेशी यात्री का आना सख्त मना है। समुद्रतल से चकराता की ऊंचाई तकरीबन 7000-7250 फीट है, जिस वजह से यहां का नजारा देखने लायक होता है। नेचर लवर और ट्रैकिंग करने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह बेहद खास है। चकराता से 5 किलोमीटर पैदल चलने पर 50 मीटर ऊंचा टाइगर फॉल है। समुद्र तल से टाइगर फॉल की ऊंचाई 1395 मीटर की है, यह झरना चकराता के उत्तर पूर्व में है।

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चकराता स्थित देवबंद को उत्तरांखड का स्वीट्जरलैंड कहा जाता है। अगर आप नेचर को करीब से देखना चाहते हैं तो चकराता में और भी कई जगह हैं। इसके अलावा चकराता में घूमने के लिए लाखमंडल, मोईगड झरना, कानासर, रामताल गार्डन, देव वन, मुंडाली आदि जगहों में जा सकते हैं। मानसून के दौरान चकराता का नजारा दिल को छू लेना वाला हो जाता है, जिस वजह से इस दौरान पर्यटकों की संख्या ज्यादा होती है।

यहां कैसे पहुंचें – 

बस मार्ग-
मसूरी से चकराता जाने के लिए राज्य राजमार्ग से केम्पटी फॉल, यमुना पुल और लखवाड़ होते हुए चकराता पहुंचा जा सकता है। देहरादून से राष्ट्रीय राजमार्ग 72 से हरबर्टपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग 123 से कालसी और वहां से राज्य मार्ग की सड़क के माध्यम से चकराता पहुंचा जा सकता है।

रेलमार्ग-
देहरादून रेलवे स्टेशन से चकराता राज्य परिवहन या लोकल टैक्सी के माध्यम से पहुंचा जा सकता है।

वायुमार्ग-
नजदीकी एयरपोर्ट जौली ग्रान्ट एयरपोर्ट है, जो देहरादून से 25 किलोमीटर दूर स्थित है। यह एयरपोर्ट चकराता से तकरीबन 123 किलोमीटर दूर है। चकराता जाने के लिए यहां से बस या टैक्सी की सेवाएं ली जा सकती हैं।

 

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